जानवरों एवं इंसानो में सेक्स
जानवर,इंसान या कीड़े सब अलग-अलग प्रजाति के जीव है। इन जीवों में सेक्स नर के शुकाणु का मादा के अंडाशय में प्रवेश लगाया जाता है। ये साधारण तौर पर मिलन से सम्भव होता है। नर अपने लिंग को मादा की योनि में लगड़ता है। जिससें नर के शुकाणु मादा की योनि में प्रवेश कर देते है। सेक्स की प्रक्रिया को आम तोर पर इतना ही समझा जाता है | पर सेक्स इससे कई पहले प्रारम्भ हो जाता है |
पादपों और वनस्पतियो में सेक्स
जहाँ सेक्स इंसान और जानवरों सेक्स कब करना है, ये उनके ऊपर निर्भर होता है | वहीं वनस्पतियो और पादपों में सेक्स स्वत हो जाता हैं | पादपों में सेक्स के अलग-अलग तरीके मौजूद है, जैसे किट-पतगों से प्रजजन, एक ही पुष्प में नर व मादा दोनों का होना आदि | इन सभी प्रकिया में सेक्स स्वत हो जाता है | जंतु जगत में सेक्स के दोनों (नर और मादा) को मिलना होता है | वहीं पादप जगत में सेक्स किससे किया गया है | वो भी पता नहीं रहता है |
किस (Kiss)
किस को इंसानो में सेक्स की प्रथम प्रक्रिया बताई जाती है | जो है भी, किस का प्रयोग अभी नया नहीं है, किस तो आदिमानवों के जमाने से चली आ रही प्रक्रिया है | इसका प्रयोग शुरुआत से ही एक दूसरे में विश्वास जगाने के लिए किया जाता था | हलाकि इसका उपयोग बदल गया है | आदिमानवों के ज़माने में किस का प्रयोग छोटे बच्चो एवं बूढ़े व्यक्तियों को खाना खिलने के लिए किया जाता था | जैसे चिड़ियाँ अपने बच्चो को दाने के टुकड़े पर खिलाती हैं | अब इसे कामवासना(सेक्स संबंधी) से जोड़ा जाता है | पर इसका प्रयोग अब भी विश्वास दिलाने लिए ही होता है |
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