मौखिक संचार सर्वाधिक उपयोग होने वाला संचार का माध्यम है। जिसे हम पहले ही पढ़ चुके हैं। अगर आपको वह पोस्ट पढ़ना है। तो नीचे मौखिक सम्प्रेषण पर क्लिक करे।
मौखिक सम्प्रेषण
मौखिक संप्रेषण की सीमाएं
1 यह कम विश्वसनीय होती है।
2 यह इंसान के स्वभाव से प्रभावित होती है।
3 यह वक्ता के स्वार्थ एवम रवैये से प्रभावित होती है।
4 इन्हें रिकॉर्ड के रूप में रखना संभव नहीं है।
5 मौखिक संचार में विकृत होने की प्रवृत्ति होती है।
6 यह संदेश भेजने से पहले सोचने के लिए पर्याप्त समय प्रदान नहीं करता है।
7 यह लंबे समय के लिए उपयुक्त नहीं है।
8 एक संभावना है कि बोले गए शब्दों को स्पष्ट रूप से सुना या समझा नहीं जा सकता है।
9 इसके लिए सही और उचित रूप से व्यक्त करने की कला की आवश्यकता होती है, और दूसरों को सशक्त रूप से सुनना चाहिए।
10 इसका उपयोग दूर स्थानों पर बिखरे लोगों के साथ संवाद करने के लिए नहीं किया जा सकता है।
11 बहुत अधिक बड़े संप्रेषण इसमें संभव नहीं है।
12 लंबे संचार के लिए ये उपयुक्त नहीं है।
मौखिक सम्प्रेषण के लाभ।
सम्प्रेषण के सम्बन्धित अन्य पोस्ट्स
1 शब्दिक सम्प्रेषण
2 अशब्दिक सम्प्रेषण
3 लिखित सम्प्रेषण
4 शारीरिक भाषा

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